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विषय — स्वच्छता अभियान, मेरा योगदान

आजादी का अमृत महोत्सव आयोजन –
विषय — स्वच्छता अभियान, मेरा योगदान

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स्वच्छता शब्द ही अपने आप मे महत्वपूर्ण है। स्वच्छ मन, स्वच्छ लिखावट, स्वच्छ, विचार आदि सब हम सभी को स्वच्छ ही भाते हैं। स्वच्छता हमारे जीवन का अपरिहार्य अंग है। माना जाता है कि जहां स्वच्छता रहती है वही ईश्वर भी निवास करते हैं मां लक्ष्मी भी वहीं डेरा डालती हैं। स्वच्छ रहने का हमें यत्न पूर्वक प्रयत्न करना चाहिए।

जब हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री जी ने यह अपील लाल किले से पूरे देश से की तो मन आनंदित हो उठा ।देश का प्रधान सेवक पुकार रहा था, और उसकी पुकार हम सब तक पहुँची ।हम भी स्वच्छता’ अभियान मे अपनी संस्था केयर फार नेचर के अपने साथियों उल्लास सर ,

सचिन जी अपर्णा जी प्रिया जी वैभव सर एवं लोधा वर्ल्ड स्कूल की प्रिंसिपल आदरणीय आशा नारायणसाथ जी क्लास 8 और 7 के विद्यार्थियों के साथ बढ़- चढ़ के भागीदारी सुनिश्चित करने निकल पड़े। हम सभी साथियो ने 4 दिवसीय शिविर निर्धारित किया।


पहले चरण में घर के अंदर की स्वच्छता का महत्व जांमबुल पाड़ा गांव के निवासियों को बताया गया
और उसको मूर्त रूप भी दिया गया। दूसरे चरण में सभी के घरो के आस पास | या चारो तरफ की उन्हें सफाई का लक्ष्य दिया गया उनके साथ हम भी सुबह से शाम लगे रहे ।सबकी मेहनतरंग लायी ।

तीसरे दिन हम सबने पूरे क्षेत्र की सफाई पर ध्यान दिया काँच प्लास्टिक आदि वस्तुएं एकत्र करके उनका निस्तारण किया । फिर चौथे दिन वहाँ निगम से बात करके कुडेदान लगवाये और उन्हें कचरे के प्रकार और उन्हें क्यों अलग अलग रखना हैं समझाया । शौचालय भी लगवाए “और निश्चत किया कि वह उनका प्रयोग करें | इस कार्य में हमने स्वयं भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित की ।


हम कहीं भी घूमने जाते हैं तो अपना एक बैग रखते है साथ उसी मे कचरा रखा जाता है। सड़क पर कुछ नही फेंकना है।
“आई चेंज माय सिटी” नामक पोर्टल से भी मैं और मेरे बच्चे जुड़े हुए हैं उसमें अगर आप कहीं भी गंदगी गड्ढा देखते हैं आप फोटो खींचकर डालिए 24 घंटे में उसका निवारण अवश्य करने का प्रयास होता है।


उचित स्वच्छता संदेश भी समय समय पर छोटी -छोटी नाटिका की सहायता से बच्चो द्वारा मंचन करवाया और स्वच्छता के सिपाही बनाये और हमने उन्हें काम सौपे ।


छोटे-छोटे संदेश एवं कोटेशन के साथ पोस्टर बनाकर लिफ्ट में ,लॉबी में, मुख्य गेट पर लगाए गए जिसका बड़ा ही अच्छा परिणाम निकला लोगों ने ध्यान देना शुरू कर दिया।


मेरा यह मानना कि यदि हम स्वयं जिम्मेदार बने और अपने परिवार एवं इष्ट मित्रों के साथ जिम्मेदारी भी ले तो हम इस लक्ष्य को सरलता से हासिल कर सकते हैं । मैं अपनी सोसायटी के सभी नियमों का निष्ठा पूर्वक पालन करती हूँ ।
कुछ नियम जिनका पालन करने का हमेशा प्रयास करती हूं-


• मैं लिफ्ट का प्रयोग करते समय भी ध्यान रखती हूँ कि उसमे कोई गंदगी न हो यदि किसी ने की है तो नम्र निवेदन से बात को समझाने का प्रयास रहता है। स्वच्छता से स्वस्थ भारत का निर्माण संभव हैं। बच्चो को मैंने आरम्भं से ही सफाई से रहना व वातावरण को भी साफ बनाये रखने का व्यवहार अथक प्रयास करके सिखाया है।


उन्हें दैनिक सफाई साप्ताहिक सफाई मासिक एवं वार्षिक सफाई के बारे में बताया है और उसका एक प्लान भी तैयार करवाती हूं जिससे सफाई उनकी आदत मे रच बस जाए।


मैंने यही प्रयास स्नातक एवं परास्नातक विद्यार्थियो के साथ भी किया हैं एवं उनको भी इस मुहिम मे जोड़ती रहती हूं ।
यह तो राष्ट्र यज्ञ है जितने जुड़ेंगे राष्ट्रहित तो होगा ही राष्ट्र उत्थान भी निश्चित है। क्योंकि सफाई से स्वस्थ समाज का निर्माण होगा और जो देश के लिए लाभदायक होगा।


वैसे कहा गया है कि सूरत के साथ सीरत भी होनी चाहिए ,मैं तो कहती हूं सीरत के साथ सफाई भी होनी चाहिए यदि आप स्नान नहीं करेंगे सफाई नहीं रखेंगे स्वयं की तो दूसरों को कैसे प्रेरित करेंगे । मैं स्वयं की सफाई पर भी बहुत अधिक ध्यान देती हूं और औरों का भी ध्यान इस ओर खींचने का प्रयास करती हूं, कि यह कितना जरूरी है।


गंदगी को दूर भगाना है तो हमा सभी को अपनी अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी। गंदगी को हटा कर स्वच्छता शब्द की गूंज हो मेरा यहीं अथक प्रयास कई वर्षो से जारी है। सफाई की कार्यशाला आयोजित करती रहती 🌹 हूं समय समय पर ।


अपनी सोसाइटी में होने वाले आयोजनों में मैं उद्घोषणाएं करती रहती हूं कि कृपया कूड़ा कूड़ेदान में डालें और गंदगी ना फैलाएं ।छोटे-छोटे यह प्रयास अवश्य रंग लाते हैं एक दिन ।यह काम धीरज से ही करने पड़ते हैं। सभी प्रकार की सफाई को सूचीबद्ध करते हुए उनको स्वच्छता के सिपाहियों को उनकी इच्छा अनुसार कार्य बांट दिया जाता है ।

मैं और मेरे स्वच्छता के सिपाही कदम से कदम मिलाकर अनवरत चल रहे हैं, बढ़ रहे हैं नए साथी भी जोड़ रहे हैं ।हमारा अगला कदम स्वच्छ पूजा स्थल मुहिम है। इसको भी धरातल पर लाने का कार्य प्रगति पर हैं।

स्वच्छता अपनाएं जीवन में हर बात में हो स्वच्छता। लाये जीवन में शुभता स्वच्छ धरा होती प्रफुल्लित देती हमें वरदान जीवन अमृत। स्वच्छ रहेगा हमारा पास पड़ोस, तो देश भी रहेगा स्वस्थ । स्वच्छ देश स्वच्छ वातावारण हम सबकी हिस्सेदारी हैं जरूरी, है महिमा का नारा
यही ।
जय हिंद।

संबंधित कुछ चित्र संलग्न है।
स्वरचित
शब्द मेरे मीत
डाक्टर महिमा सिंह
लखनऊ उत्तर प्रदेश

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