मौतें हो रही है, पैसा भी खर्च हो रहा है, नांदेड़ हो या हैद्राबाद हस्पतालों से खाली हाथ लौटने वालों को खुदा सबर और हौसला दे..! – NANDED TODAY NEWS
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मौतें हो रही है, पैसा भी खर्च हो रहा है, नांदेड़ हो या हैद्राबाद हस्पतालों से खाली हाथ लौटने वालों को खुदा सबर और हौसला दे..!

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NANDED TODAY:16,April,2021 ( Naeem Khan ) नांदेड़ समेत देश में कोरोना बीमारी से लाखों करोड़ों लोग परेशान है परंतु इस बीमारी का शाहेद इलाज ही नहीं है,जिनके घरों में बेटियों की शादियों के लिए फूटी कौड़ी तक नहीं उनके माता पिता को अगर कोरोना होजाए और उन्हें सरकारी हॉस्पिटलों में बेड ना मिले तो आगे उपचार को लेकर जो कठनाईयाँ से लोग गुज़र रहे है वही समज सकते है जिन्होंने दवाखानों की गतिविधियों को करीब से देखा है!

नांदेड़ के अनेक नागरिक जिनके परिवारों में कोरोना के मरीज़ पाए जारहे है उन सभी परिवारों के सदस्यों के योगदान के बारें में लिखने के लिए पेज कम पड़ जाए ! नांदेड़ के अनेक परिवारों के सदस्य कोरोना बीमारी से जुझ रहे है, और इन सभी मरीजों के परिवारों के सदस्यों के सामने हालात कुछ ऐसे आरहे है के कभी कोई ऑक्सीजन के लिए भागता नज़र आता है , कभी कोई रेंडिसीवर इंजेक्शन के लिए गिड़गिड़ाते नज़र आता है!

इतना सब कुछ सहने, रातों से भूके पेट जागने और दवाखानों से अच्छी खबर के लिए तरसने के बाद भी ना डॉक्टर कोरोना के मरीज़ों को बचाने सफ़ल है ना ही
रेंमडिसीवर इंजेक्शन से कोई लाभ हो रहा है दवाखानों से सिर्फ डेथ बॉडी आरही है, इतना सब कुछ सहने के बाद भी ना सरकार कुछ मद्द्त कर रही है ना अस्पतालों के बिलों में कोई छूट मिल रही है, दुःख और चिंता की घडी में अब हर व्यक्ति को स्वयम घर वालों की रक्षा एंव उनके उपचार के लिए जंग लडनी की घड़ी आगई है!

नांदेड़ लेबर कॉलोनी रहिवासी साइंस कॉलेज के कर्मचारी 47 वर्षी अब्दुल रऊफ अब्दुल रशीद एंव नई आबादी बैतलूल इस्कूल के कलर्क बशीर सर की 59 वर्षी पत्नी की दस दिन पहले अचानक तबियत खरब होइ, दोनों को नांदेड़ के दो अलग दवाखानों में भर्ती करवाया गया,और 10 दिन बाद लाखों रुपए खर्च करने के बाद भी डॉक्टर किसी को बचा नहीं पाए! अब्दुल रऊफ को नांदेड़ से औरंगाबाद शिफ़ट किया गया था वहा कुछ दिन उपचार के बाद आज सवेरे अब्दुल रऊफ का देहांत होगया! अब्दुल रऊफ अपने पीछे पत्नी और 4 नाबालिग़ बच्चों को छोड़ गए!
अब्दुल रऊफ के अतिमसंकर कब्रिस्तान
में मिटटी देते समय उनका बेटा 12th का स्टूडेंट ज़ोर ज़ोर से रोते हुवे डैडी डैडी करते हुवे रोने लगा जिसे देख कब्रिस्तान में मौजूद लोगों के आँखों से आंसू निकल पड़े!

शिवसेना मनसे में कार्यरत नांदेड़ के सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश कौड़गे जो सोशल मीडिया के माध्यम से नांदेड़ की जनता को बार बार सेफ रहने की सलाह दे रहे थे वो खुद भी कोरोना संक्रमित होगए! प्रकाश कौड़गे संक्रमित होने के बाद उन्हें हैदराबाद के हॉस्पिटल में एडमिट किया गया था! कुछ दिन उपचार करने के बाद उनकी हैद्राबाद से मौत की खबर आगई!

देश समेत दुनिया भर के डॉक्टर कोरोना के मरीजों को जीवनदान देने में असफ़ल नज़र आरहे है!

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