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बाहर से नांदेड उत्सव मेला, अंदर से आनंद मेला का टिकट, गेट इंट्री 100/- बडे छोटे झुलों का फेयर 70 से 100 रुपए, उत्सव मेला बिना जीएसटी नंबर टिकिटों की बिक्री, GST दायरे मे.!

NANDED TODAY- 18 मई 2026 ( नईम खान ) नांदेड के हिंगोली गेट गुरुद्वारा मैदान मे नांदेड उत्सव मेला जनता के लिए बहाल किया गया है, 3 वर्ष आयु के बच्चों को छोड़ कर सभी के लिए 100 रुपए गेट इंट्री टिकिट लागु करदिया गया है !

17 मई रविवार को नांदेड उत्सव मेले मे करीब 7 हज़ार से जियादा नागरिकों ने गेट इंट्री टिकिट खरीदी करने की बात सामने आरही है, जब नांदेड उत्सव मेले मे नांदेड टुडे के प्रतिनिधि ने एक टिकिट काउंटर से टिकिट खरीदी की तो उस टिकिट पर बिना किसी अमाउंट प्रिंट के आनंद मेला अमुसमेन्ट पार्क लिखा नज़र आरहा था !

वही मेले को बिजली गुल होने पर इलेक्ट्रिक सिटी सप्लाई के लिए एक जर्नेटर को दुकानों के पास रखा गया जो पब्लिक के लिए घातक होने की संभवना हो सकता है !

नांदेड उत्सव मेले मे पब्लिक आने वालों की संख्या गेट इंट्री और मेले के अंदर अलग अलग नामों से झोलों के टिकिट बिक्री से नांदेड उत्सव मेले सीधे इंकम टेक्स डिपार्टमटें के दायरे मे नज़र आरहा है, परंतु इंकम टेक्स डिपार्टमेंट इस बात से बिलकुल ही बेखबर है के उनके पिट पीछे हर दिन लाखों के इंकम को अलग अलग नामों से टिकटें बेचकर इंकम टेक्स कार्यालय की आँखों मे धूल झोंकी जारही है !

उत्सव या मेले में होने वाली किसी भी प्रकार की व्यावसायिक आय (चाहे दुकान लगाने से हो, खान-पान के स्टॉल से हो, या सेवा प्रदान करने से) पूरी तरह से आयकर (Income Tax) के दायरे में आती है।

मेले या उत्सव से होने वाली आय पर टैक्स निम्नलिखित बातों पर निर्भर करता है:आय की सीमा: यदि आपकी कुल कर योग्य आय (Taxable Income) आयकर स्लैब (Income Tax Slab) की सीमा से अधिक है, तो आपको टैक्स देना होगा।

आयकर स्लैब: नई कर व्यवस्था (New Tax Regime) के तहत, यदि आपकी वार्षिक आय शून्य से 4 लाख रुपये के बीच है तो कोई टैक्स नहीं है, जबकि उससे अधिक आय होने पर स्लैब के अनुसार 5% से 30% तक कर लगता है。

टर्नओवर का नियम: यदि आपकी आय एक निश्चित सीमा से अधिक है, तो इनकम टैक्स नियमों (Section 44AD/44ADA) के तहत आपको अपनी आय का एक हिस्सा अनुमानित लाभ (Presumptive Profit) के रूप में घोषित करना पड़ता है।

ध्यान रखने योग्य बातें:आय का स्रोत: मेले में होने वाली आय को ‘व्यवसाय या पेशे से आय’ (Income from Business or Profession) के रूप में माना जाता है।इनकम टैक्स रिटर्न (ITR): भले ही आपकी आय कर योग्य सीमा से कम हो, लेकिन यदि यह मूल छूट सीमा से अधिक है, तो आपको ITR दाखिल करना अनिवार्य होता है。

खर्चों की कटौती: आप अपनी आय में से मेले का किराया, दुकान का सजावट खर्च, और सामग्री की लागत आदि घटाने के बाद बची हुई शुद्ध आय पर ही टैक्स का भुगतान करते हैं।मेले या उत्सव में की गई भारी कमाई पर आयकर विभाग की पैनी नजर रहती है।

ऐसे आयोजनों में काम करने वाले छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े ठेकेदारों तक, सभी को अपनी आय का हिसाब रखना और सही समय पर ITR फाइल करना आवश्यक होता है !
अधिक जानकारी के लिए आप आयकर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट Income Tax Department पर जा सकते हैं।

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