
कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने गाज़ा युद्धविराम पर संयुक्त राष्ट्र में भारत के मतदान से अलग रहने को शर्मनाक और कायराना करार दिया है। उन्होंने कहा कि जब 180 में से 149 देशों ने युद्ध रोकने के पक्ष में वोट दिया, तब भारत ने चुप्पी साध ली — वो भी तब, जब गाज़ा में छोटे-छोटे बच्चों की नृशंस हत्या हो रही है। भारत BRICS, SCO और दक्षिण एशिया में अकेला देश रहा जिसने वोट नहीं दिया।
उन्होंने याद दिलाया कि भारत ने हमेशा फिलिस्तीन का साथ दिया है — 1974 में PLO को मान्यता, 1988 में फिलिस्तीनी राज्य को समर्थन और NAM सम्मेलन में यासिर अराफात को बुलाना हमारी नीति का हिस्सा रहा है। लेकिन आज की सरकार उस नैतिक विरासत को रौंद रही है।
सुप्रिया ने कहा कि “हमारा देश कभी अन्याय पर चुप नहीं बैठा, लेकिन आज की सरकार कायरता और नैतिक दिवालियापन का उदाहरण बन चुकी है। अगर मोदी सरकार को वैश्विक नेतृत्व चाहिए, तो उसे अन्याय के ख़िलाफ़ बोलना ही होगा। आपका नैतिक पतन मेरे देश का सिर झुका रहा है।”

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